सीतामढ़ी में हुए शहीद ‘दरोगा की बहन कि आँखे थी नम’ अचानक पहुंचे रक्षाबंधन के दिन दरोगा खिलखिला उठी बहन

pmbnewsweb
2 Min Read
देश में भाई बहन का पवित्र पर्व रक्षाबंधन सभी लोगों के लिए हंसी खुशी का पर्व है  …. लेकिन जरा उन बहनो की पीड़ा देखें जिनका भाई रक्षा बंधन के कुछ दिन पूर्व हुए शहीद अपनी डियूटी करते हुए  …शहीद दरोगा की बहन की पीड़ा दर्दनाक है   … भाई अब दुनिया में नहीं है   .. इस त्यौहार पर उनकी आँखों में गम के आंसू रहते हैं   ….
शहीद दरोगा दिनेश राम
शहीद दरोगा दिनेश राम

 

रक्षाबंधन के दिन मोतिहारी के एक गांव में बहने अपने भाई के रक्षा की दुआओं के साथ राखी बांध रही थी लेकिन एक घर ऐसा भी था जहाँ एक बहन उदास थी   .. ये बहन सीतामढ़ी में अपराधियों को गिरफ्तार करने पहुंचे दरोगा दिनेश राम की बहन है   ….
अचानक शहीद दरोगा दिनेश राम के घर मोतिहारी में पोस्टेड दरोगा कंचन भास्कर पहुँचते हैं   … फिर क्या जो बहन अपने इकलौते भाई के गम में खामोश थी वह खिलखिला उठी   … कंचन के रूप में उसे दिनेश भैया नजर आने लगे   … जो बहन के सर से इकलौते भाई की साया उठ गया है उसमें एक बड़ा आत्मविश्वास जगा  … दरोगा कंचन भास्कर ने शहीद दरोगा के बहन से अपने कलाइयों पर राखी बंधवाया और उसे न सिर्फ आशीर्वाद दिया उसकी रक्षा का शपथ लिया   … … समाज में जरूरत है हर शहीद के परिजनों को ऐसे कंचन की जो आगे आ कर ऐसी बहनो के सुरक्षा का शपथ लें   … शहीद के परिवार को कभी विभाग के लोग अनदेखा न करें तो कोई परिवार मुफ्लसी में नहीं जाएगा    ..
Share This Article