मुजफ्फरपुर रेल एसपी ने किया खुलासा – सीतामढ़ी कैंटीन ठेकेदार अरुण हत्याकांड में महिला ने रची थी साजिश 

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सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन परिसर में 17 अगस्त की अहले सुबह वृद्ध कैंटीन ठेकेदार अरुण कुमार (80) की बेरहमी से गला रेत कर हत्या के वारदात ने रेल पुलिस को बड़ी चुनौती दे डाला था  … घटना के बाद रेल एसपी ने एक टीम का गठन किया जिसका नेतृत्व रेल डीएसपी पुलिस अतनु दत्ता के साथ समस्तीपुर रेल अनुमंडल डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें रेल थानाध्यक्ष, सीतामढ़ी पु०अ०नि० प्रवीण कुमार, रेल थानाध्यक्ष, मुजफ्फरपुर पु०अ०नि० दिनेश कुमार साहु एवं स०अ०नि० अमोद सिंह को पुलिस बल के साथ शामिल किया गया  …. टीम को महत्वपूर्ण लीड उस वक़्त मिली जब मौके वारदात पर के समीप खून का कोई साक्ष्य नहीं मिला  …. तफ्तीश की कड़ी रसोइया के कमरे तक पहुंची तो खून के धब्बे मिले उसके बाद पुलिस को शक पुख्ता हुआ की महिला रसोइया हत्याकांड में शामिल हो सकती है. डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने अति गोपनीयता के साथ महिला को हिरासत में ले पूछताछ शुरू किया तो हत्याकांड का खुलासा हो गया
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स्टाफ गुड्डू को हटाना अरुण के मौत का बना कारण 
रेल एसपी ने बताया कि अरुण कुमार के कैंटीन का प्रति दिन 60 से 70 हजार रुपये का बिक्री था  .. गिरफ्तार गुड्डू अरुण के कैंटीन में कार्य करता था  … जिसे मृतक अरुण ने अपने कैंटीन से निकाल बाहर कर दिया था  .. गुड्डू को हटाए जाने के बाद वह काफी आक्रोशित था  .. खुन्नस में रहते हुए उसने रसोइया सूर्यकला देवी के साथ मिल कर 16 अगस्त को हत्या के घटना को अंजाम देने के लिए साजिश रच दिया  .. आपस में तय हुआ की प्रति दिन का जो सेल होता है उस रुपया को अलमारी में से निकाल कर आपस में बांट लिया जाएगा  … प्लान को अंजाम देने के लिए 16 अगस्त की देर रात सूर्यकला देवी और गुड्डू स्टेशन पर पहुँच गए, घटना को अंजाम देने के लिए दोनों ने तीसरे साथी मंतोष साह को भी स्टेशन पर ले कर पहुंचे
पकवान बनाने वाली खूनी खेल में शामिल महिला रसोइया 
अहले सुबह तीन बजे के आसपास 17 तारीख को घटना को अंजाम देने के लिए तीनो कैंटीन में प्रवेश किए  . अरुण अपने कार्यालय में सोये  हुए थे  … रसोइया जो व्यंजन बनाने में माहिर थी वह सोये हुए अरुण के पैर को पकड़ा और मंतोष ने हाथ पकड़ लिया  … इसके बाद गुड्डू ने अरुण कुमार का गला तब तक रेतता रहा जब तक अरुण की मौत नहीं हुई  … इसके बाद आरोपी मंतोष और गुड्डू ने मृतक के शरीर से उसका धोती कुर्ता खोल खुद पहन लिया और अपना खून से लथपथ कपड़ा को पॉलीथिन में डाल पैक कर लिया  .. मौके वारदात से खून साफ़ कर दिया  … मंतोष और गुड्डू निकल गया और सूर्यकला देवी यही रुक कर मृतक के बेटी को सूचना दी
CCTV से मिला साक्ष्य 
रेलवे स्टेशन पर लगे CCTV के कई एंगल में तीनो आरोपी देखे गए  .. घटना से पूर्व और घटना के बाद तीनो एक साथ प्रवेश करते दिखे   .. पुलिस टीम ने घटना के छठे घंटे में ही आरोपियों का शिनाख्त कर लिया था   … एक आरोपी भी हिरासत में आ गयी थी लेकिन पुलिस अन्य दो आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए गोपनीयता के साथ तफ्तीश में जुटी रही  .. गिरफ्तार गुड्डू के निशानदेही पर सीतामढ़ी स्टेशन के पश्चिमी रेल फाटक के पास से झाडी में से चाकू बरामद क्या गया  … धोती बंडी पास के पूल के पास से बरामद किया गया  .. आरोपियों के खिलाफ सजा दिलाने के पुलिस स्पीडी ट्रायल करा रही है
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